सीतापुर, अक्टूबर 15 -- जिले में शिक्षा की अलख जगाने वाले माध्यमिक शिक्षक इस समय कई समस्याओं से घिरे हुए हैं, जिससे उनकी सेवा और भविष्य दोनों पर अनिश्चितता के बादल छाए हुए हैं। एक तरफ जहां विद्यालयों में शिक्षकों और प्रधानाचार्यों के कई पद खाली पड़े हैं, वहीं दूसरी ओर पूर्व में नियुक्त शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता का मुद्दा उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। इन तमाम समस्याओं के बीच, उनकी सेवा सुरक्षा, एनपीएस पासबुक, बकाया भुगतान और पदोन्नति जैसे अन्य लंबित मामले भी समाधान की राह देख रहे हैं। जिन शिक्षकों पर छात्रों के भविष्य को संवारने की जिम्मेदारी है, वे खुद अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं और लगातार संघर्ष कर रहे हैं। मौजूदा हालात को देखते हुए इन समस्याओं का कोई त्वरित या दूरगामी समाधान फिलहाल नजर नहीं आ ...
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