सीतापुर, नवम्बर 4 -- खेतों में जब सुनहरी धान की बालियां कटाई के इंतजार में लहलहा रही थीं, तभी बेमौसम बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। जिले के कई हिस्सों में हुई बारिश ने खेतों में पड़ी कटी फसलों को भी भिगो दिया, जिससे किसानों के माथे पर चिंता की गहरी लकीरें खिंच गई हैं। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जिले में इतनी अधिक बारिश नहीं हुई कि खड़ी फसल पूरी तरह बर्बाद हो जाए, लेकिन जो धान खेतों में कटा पड़ा था, उसे नुकसान जरूर हुआ है। इस बार जिले में धान की फसल पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर रही। समय से वर्षा होने और कीट प्रकोप कम रहने की वजह से किसानों को अच्छी पैदावार की उम्मीद थी। कई किसानों ने तो कटाई का काम भी शुरू कर दिया था। लेकिन तभी अचानक मौसम ने करवट बदली और आसमान से पानी बरसने लगा। खेतों में कटी पड़ी फसल भीग...
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