सीतापुर, सितम्बर 11 -- शहरों से लेकर कस्बों और ग्रामीण इलाकों तक लोग आवारा पशुओं के आतंक से त्रस्त हैं। कहीं मोहल्लों में झुंड के झुंड आवारा कुत्ते बच्चों पर हमला कर रहे हैं, तो कहीं सड़कों पर घूमते छुट्टा पशु हादसों का बड़ा कारण बनते हैं। इतना ही नहीं छुट्टा पशु किसानों की फसलों को चंद मिनट में ही चट कर जाते हैं, जिनसे उनको काफी नुकसान उठाना पड़ता है। इसके अलावा बंदरों का आतंक तो ऐसा है कि महिलाएं और बच्चे घरों से बाहर निकलने से डरने लगे हैं। जिले के अलग-अलग इलाकों में छुट्टा गोवंशीय पशुओं की वजह से सैकड़ों सड़क हादसे हो चुके हैं। जिनमें कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। बंदरों के झुंड घरों की छतों पर डेरा जमा लेते हैं और महिलाओं-बच्चों को निशाना बनाते हैं। आए दिन किसी न किसी के घायल होने की खबर सामने आती रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है क...
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