सीतापुर, अगस्त 19 -- बीते दिनों भारी बारिश और बैराज से छोड़े गए पानी के कारण जिले की शारदा और घाघरा सहित सभी प्रमुख नदियां खतरे के निशान के करीब हैं। जिससे तीन तहसीलों और सात ब्लॉकों के 165 गांवों में बाढ़ का संकट गहरा गया है। हालांकि जिला प्रशासन ने बाढ़ आने से पहले ही अपनी तैयारियों को पूरा करने का दावा किया है। जिला प्रशासन का यह भी दावा है कि बाढ़ प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने से लेकर उनके खाने पीने और दवाओं तक के इंतजाम मुकम्मल हैं। लेकिन बाढ़ प्रभावितों लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। खासतौर से स्वास्थ्य की समुचित सुविधाएं न मिलने के साथ उनकी सबसे बड़ी चिंता पशुओं और उनके चारे को लेकर है। बाढ़ की तैयारियों को लेकर प्रभावित गांवों के ग्रामीणों से बातचीत की तो उनमें जहां एक ओर डर दिखा। वहीं दूसरी ओर जिला प्...
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