सीतापुर, दिसम्बर 24 -- शहर से लेकर कस्बों तक में सुबह से शाम तक सड़कों पर दौड़ते ई-रिक्शा आम लोगों को न सिर्फ सुविधा उपलब्ध कराते हैं बल्कि रोजगार का एक बड़ा जरिया भी बन गए हैं। लेकिन तेजी से बढ़ती इनकी संख्या और इन पर नियंत्रण की ठोस व्यवस्था न होने के कारण आज शहर की सड़कों पर जाम और अव्यवस्था का माहौल है। ई-रिक्शा चालकों की तमाम समस्याओं को लेकर आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान ने अपने बोले सीतापुर अभियान के तहत विस्तार से समाचार प्रकाशित किया था। जिसके बाद शहर में ई-रिक्शा संचालन के लिए रूट निर्धारित किए जाने के साथ-साथ नगर पालिका में ई-रिक्शा का पंजीकरण भी अनिवार्य कर दिया है। लेकिन शहर में ई-रिक्शा और ऑटो के लिए टैक्सी स्टैंड तय नहीं हो पाया है। इन इंतजामों के बाद भी ई-रिक्शा चालकों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही है। मौजूदा समय ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.