सीतापुर, सितम्बर 17 -- शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में दूध उत्पादन से जुड़े पशुपालकों को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जिले की अर्थव्यवस्था और पोषण में अहम योगदान देने वाले दुग्ध उत्पादकों को अपने उत्पाद का उचित दाम नहीं मिल पा रहा है। जिले में दुग्ध उत्पादन से जुड़े लोगों की सबसे बड़ी समस्या बाजार की है। संगठित और व्यवस्थित बाजार न होने की वजह से दुग्ध उत्पादकों को अपने दूध का वाजिब दाम नहीं मिलता है। यही कारण है कि शहर में आए दिन सड़कों के किनारे साइकिलों और मोटरसाइकिलों पर बड़े-बड़े कंटेनर लादे पशुपालक नजर आते हैं। ये उत्पादक सुबह और शाम दूध की बिक्री के लिए अलग-अलग मोहल्लों के चक्कर काटते हैं। कई बार इन्हें मजबूरी में औने-पौने दाम पर दूध बेचना पड़ता है, जिससे इनके मेहनत की सही कीमत नहीं मिल पाती। पशुपालकों का कहना ...
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