सीतापुर, दिसम्बर 19 -- जिले की ग्रामीण और शहरी अर्थव्यवस्था में पशुधन की अहम भूमिका है। दुग्ध उत्पादों के जरिए लाखों लोग अपनी आजीविका चलाते हैं। ऐसे में पशुओं की सेहत और देखभाल के लिए मजबूत पशु चिकित्सा तंत्र होना जरूरी है। जिले में पशुओं की सेहत की देखभाल के लिए सरकारी पशु चिकित्सा सेवाओं की स्थिति उतनी मजबूत नहीं कही जा सकती जितनी अपेक्षित है। इसे लेकर आपके अपने हिंदुस्तान अखबार ने अपने बोले सीतापुर पेज पर विस्तार से समाचार को प्रकाशित किया थ। इसके बावजूद आज भी जिले में कई इलाके ऐसे हैं जहां पशुओं की चिकित्सा के कोई बेहतर इंतजाम नहीं हो सके हैं। पशुपालकों का कहना है कि सबसे बड़ी चुनौती सरकारी अस्पतालों में आकस्मिक चिकित्सा की कोई व्यवस्था नहीं है। वहीं एक दर्जन से अधिक ऐसे पशु चिकित्सालय हैं, जहां डॉक्टर तक नहीं है। यही नहीं जिला मुख्या...
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