सीतापुर, मई 1 -- कॉमन इंट्रो अमीर हो या गरीब पेट भरने के लिए खाई जाने वाली रोटी को बनाने में गेहूं का आटा की उपयोग में लाया जाता है। जिले में कोई घर भी ऐसा नहीं होगा जहां गेहूं का आटा नहीं मिले। इतनी महत्वपूर्ण फसल होने के बाद भी जिले का गेहूं किसान परेशान है। मौसम की मार से अन्नदाता कहा जाने वाला गेहूं किसान कराह रहा है। उम्मीदों से भरी लहलहाती फसलें, प्रकृति के प्रकोप के आगे दम तोड़ गईं। जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा है। बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और आंधी ने किसानों की कमर तोड़ दी है। इसके अलावा बिजली के तारों और अन्य कारणों से लगने वाली आग ने भी किसानों को परेशान किया है। खेतों में पकने की कगार पर खड़ी गेहूं की फसल, अप्रत्याशित मौसम के बदलाव के कारण या तो खेतों में बिछ गई या फिर दाने सिकुड़ गए। कई किसानों की मेहनत...
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