सासाराम, फरवरी 24 -- बोले सासाराम : फूल कारोबारियों को पूरे साल नहीं मिलता है काम शादी-विवाह व त्योहारों के समय फूलों की डिमांड बढ़ जाती है। उस समय फूल कारोबारियों की दुकानों में ग्राहकों की भीड़ उमड़ पड़ती है। लेकिन, इसके बाद फूलों की बिक्री कम हो पाती है। ऐसे में चार दिन की चांदनी फिर अंधेरी रात वाली कहावत फूल कारोबारियों पर सटीक बैठती है। फूल का करोबार मंदा हो जाता है। जिससे फूल कारोबारियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। फूलों को सुरक्षित रखने के लिए कोल्ड स्टोरेज की भी व्यवस्था नहीं है। सुबह चार-पांच बजे से अपना दिन शुरू करने वाले फूलों के व्यापारियों की मेहनत को हमेशा से अनदेखा किया जाता रहा है। इनकी समस्याओं पर शायद ही कभी किसी का ध्यान जाता है। इस कारोबार को करने वाले कारोबारी प्रशासन या सरकार सुविधा नहीं दी जाती है। शा...
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