सहारनपुर, जुलाई 21 -- सहारनपुर। श्रावण मास का पावन पर्व आते ही सहारनपुर शहर का माहौल भक्तिमय हो जाता है। शिवभक्तों के बोल-बम के जयकारों और केसरिया कांवड़ियों की कतारों से सड़कों का नजारा बदल जाता है। यह धार्मिक उत्सव जहां श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रतीक है, वहीं शहर की आम जनता के लिए धैर्य और सहनशीलता की भी परीक्षा बन जाता है। कांवड़ यात्रा के चलते प्रशासन सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए रूट डायवर्जन, बैरीकेडिंग और विशेष इंतजाम करता है। लेकिन इन व्यवस्थाओं का असर आम जनता के दैनिक जीवन पर भी गहराई से पड़ता है। कांवड़ यात्रा के दौरान सहारनपुर की प्रमुख सड़कों पर यातायात को मोड़ दिया जाता है। कई गलियों और रास्तों को बैरीकेडिंग कर बंद कर दिया जाता है। गोविंद नगर, रामनगर जाटव कॉलोनी और रामनगर पठानपुरा जैसे इलाकों में यह स्थिति...
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