भागलपुर, दिसम्बर 16 -- - प्रस्तुति : विजय झा धान खरीद के सीजन में इस बार किसानों की सबसे बुलंद आवाज यही है - पैक्स लगातार धान खरीदे, खरीद न रुके। सरकारी एमएसपी तय होने के बावजूद ग्रामीण इलाकों में स्थिति चिंताजनक है। किसानों का आरोप है कि पैक्स द्वारा समय पर धान न खरीदे जाने से बिचौलिये सक्रिय हो जाते हैं और 17-18 सौ रुपये प्रति क्विंटल पर धान खरीदकर भारी मुनाफा कमाते हैं, जबकि सरकारी दर 2369 रुपये तय है। छोटे किसानों के पास न भंडारण की सुविधा है न इंतजार की गुंजाइश, इसलिए वे मजबूरी में सस्ता धान बेच देते हैं। पैक्स के खातों में समय पर राशि उपलब्ध न होना, फर्जी गैर-रैयत पंजीकरण, अवैध कटौती और निरीक्षण की कमी किसानों के गुस्से को बढ़ा रही है। किसानों का कहना है कि अगर पैक्स की खरीद निरंतर चले और जांच सख्त हो तो बिचौलियों का खेल खत्म हो जाए...