भागलपुर, सितम्बर 11 -- प्रस्तुति: विजय झा सहरसा जिले के किसान इन दिनों वन्यजीवों के बढ़ते प्रकोप से परेशान हैं। बंदर, नीलगाय और जंगली सूअर के झुंड खेतों में लगी धान, गेहूं, मूंग, मक्का, आलू, गोभी समेत अन्य फसलों को चौपट कर रहे हैं। पहले केवल बंदरों का उपद्रव था, लेकिन 2007 में कोसी के पूर्वी तटबंध टूटने के बाद नीलगाय और जंगली सुअर की संख्या अप्रत्याशित रूप से बढ़ी। अब हालात यह हैं कि दिन-रात ये जानवर खेतों में घुसकर किसानों की मेहनत पर पानी फेर रहे हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि किसानों को चौबीस घंटे खेतों की रखवाली करनी पड़ रही है। इसके चलते उनकी अन्य कृषि और घरेलू गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। यदि समस्या का हल नहीं निकला तो क्षेत्र में गहरा आर्थिक व सामाजिक संकट खड़ा हो जाएगा। जिले के कहरा प्रखंड के अंतर्गत आने वाले बनगांव नगर प...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.