भागलपुर, जनवरी 15 -- -प्रस्तुति: प्रदीप चौधरी पंचायती राज व्यवस्था का मूल उद्देश्य गांवों को आत्मनिर्भर बनाना और शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना था। इसी सोच के तहत पंचायतों को प्रशासनिक अधिकार, वित्तीय संसाधन और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी दी गई। लेकिन महिषी प्रखंड की आरापट्टी पंचायत में यह व्यवस्था कागजों तक ही सीमित नजर आती है। आज भी यहां के ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जिससे पंचायत के समग्र विकास पर प्रश्नचिह्न लग गया है। आरापट्टी पंचायत की आबादी लगभग 13 हजार के आसपास है, जिसमें आरापट्टी, मुरली, खजुराहा सहित कई गांव शामिल हैं। इतनी बड़ी आबादी के बावजूद पंचायत में आज तक न तो श्मशान घाट का निर्माण हो सका है और न ही कोई विवाह भवन उपलब्ध है। ग्रामीणों को अंतिम संस्कार और सामाजिक आयोजनो...
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