पूर्णिया, जुलाई 3 -- प्रस्तुति: श्रुतिकांत कंप्यूटर की बढ़ती डिमांड और कंप्यूटर आधारित कार्य की महत्ता को देख छात्रों का रोजगारपरक शिक्षा की ओर झुकाव बढ़ा। छात्र-छात्राओं ने कंप्यूटर की शिक्षा लेनी शुरू की। छात्रों के इस झुकाव को देख शहर के गली-मोहल्लों से लेकर मुख्य सड़कों तक छोटे-बड़े कंप्यूटर संस्थान खुल गए। लड़कों के साथ लड़कियां भी की-बोर्ड पर अपनी उंगलियां चला कर रोजगार के सपने देख रही हैं। लेकिन जब उन्हें इसके बाद भी निराशा हाथ लगती है, तो दुख होता है। हिन्दुस्तान के 'बोले सहरसा' संवाद के दौरान तकनीकी शिक्षा प्राप्त युवाओं ने अपनी समस्याएं रखीं। एक तरफ जहां एआई टेक्नोलॉजी का विस्तार हो चुका है तो वही छात्र छात्राओं का भी झुकाव कंप्यूटर आधारित शिक्षा की तरफ झुका है। शहर के दर्जनों कंप्यूटर शिक्षण संस्थानों में हजारों छात्र छात्राएं ...
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