गोंडा, जनवरी 15 -- जिले की पहचान केवल भौगोलिक सीमाओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यहां की प्राचीन धरोहरें और आस्था के केंद्र इसकी आत्मा हैं। इन्हीं में से एक है पौराणिक पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर, जो आज अपनी ऐतिहासिक गरिमा और धार्मिक महत्व के बावजूद उपेक्षा का दंश झेल रहा है। गोण्डा। जिला मुख्यालय से लगभग 32 किलोमीटर दूर कस्बा खरगूपुर के समीप स्थित महाभारतकालीन पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर और पास ही स्थित तपोस्थली झालीधाम धार्मिक आस्था, इतिहास और संस्कृति का अद्भुत संगम है। मान्यताओं के अनुसार यह स्थल प्राचीन काल से ऋषि-मुनियों की तपस्थली रहा है, जहां आज भी दूरदराज से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। सावन, महाशिवरात्रि और अन्य पर्वों पर यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। इतिहास और आस्था से जुड़ा यह शिव धाम धीरे-धीरे पर्यटन स्थल के रूप में अप...
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