लखीसराय, फरवरी 11 -- संग्रामपुर पंचायत में वासकुंड डैम की खूबसूरती काफी निराली है। यहां के पहाड़-जंगल व फूल-लताएं अपनी ओर आकर्षित करने को तत्पर दिखती है। वहीं कल-कल बहता पानी पहाड़ों के बीच से आते हुए अपनी ओर लुभाता जान पड़ता है। सिंचाई के प्रमुख केनाल को बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह को भी खूब लुभया था। उन्होंने आसपास की उंची करीब पहाड़ियों की बरसाती जल धारा को बर्बाद होने की बात सुनी ओर लाखों रूपये की लागत से करीब आधा किलोमीटर लंबी पांच सौ मीटर चौड़ी वन विभाग के पत्थरीली जमीन में वासकुंड डैम का बजाप्ता किनारों में पत्थरों को बिछा बांध का निर्माण करवाया था। डैम निर्माण कराने के पीछे का मूल मकसद था किसानों को सालों भर सिंचाई सुविधा से महरूम नहीं रहना पड़े। लेकिन वर्तमान में वासकुंड डैम के सभी केनाल दुरूस्त नहीं रहने से लोगों के खेतो...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.