लखीसराय, फरवरी 16 -- जिले की ऐतिहासिक लाली पहाड़ी को लेकर राज्य सरकार ने बड़े-बड़े दावे किए थे। 25 नवंबर 2017 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वयं यहां पहुंचकर पुरातात्विक खुदाई कार्य का विधिवत शुभारंभ किया था। उन्होंने इसे संरक्षित करने और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की घोषणा की थी। बाद में राज्य सरकार ने इसे राजकीय संरक्षित स्मारक घोषित किया। खुदाई में 11वीं व 12वीं सदी के एक भव्य बौद्ध महाविहार के अवशेष मिले, जिसे गंगा घाटी में पहाड़ी पर मिला पहला बौद्ध महाविहार माना गया। मुख्यमंत्री ने कला, संस्कृति एवं युवा विभाग और जिला प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि स्थल की घेराबंदी, बिजली, पानी, सीसीटीवी निगरानी और अन्य बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। खुदाई में प्राप्त मूर्तियों और पुरावशेषों को सुरक्षित रखने के लिए लखीसराय में स...
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