लखीसराय, फरवरी 22 -- शहर के बीचो-बीच स्थित ऐतिहासिक संसार पोखर इन दिनों बदहाली, लापरवाही और भ्रष्ट कार्यप्रणाली का प्रतीक बनता जा रहा है। करीब 52 बीघा में फैला यह पोखर अब सिमटकर मात्र 35 बीघा रह गया है, और इसके बावजूद करोड़ों रुपये की लागत से चल रही सफाई और सौंदर्यीकरण योजना जमीन पर फेल होती नजर आ रही है। 2 करोड़ 50 लाख की लागत से चल रही इस परियोजना की धीमी गति और अव्यवस्था ने पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कागज पर तेज, जमीन पर ठप काम: 26 नवंबर 2025 को जारी कार्यादेश के अनुसार मार्च 2026 तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन तीन महीने बीत जाने के बाद भी स्थिति यह है कि न तो पोखर की समुचित सफाई हो पाई है और न ही सौंदर्यीकरण का कोई ठोस काम दिख रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण स्थल पर न पर्याप्त मजदूर हैं और न ...