लखीमपुरखीरी, मार्च 7 -- खीरी और सीतापुर जिले के 70 हजार से भी अधिक लोग रोजाना निजी बसों में सफर कर रहे हैं। दर्जनों प्राइवेट बसें रोजाना अलग-अलग मार्गों पर दौड़ती हैं। लोगों को उनकी मंजिल तक पहुंचा रही निजी बसों के चालक-परिचालकों की कई परेशानियां हैं जिन पर कोई ध्यान नहीं दे रहा। ग्रामीण रुटों पर ब्लैक स्पाट, बस अड्डों पर सुविधाओं की कमी, अतिक्रमण समेत कई तरह की परेशानियों का चालक-परिचालक रोज सामना कर रहे हैं। हिन्दुस्तान से बातचीत में निजी बस चालक-परिचालाकों ने अपनी समस्याएं बताईं, साथ ही उनके समाधान के लिए कई सुझाव भी दिए। रोडवेज के सीमित संसाधनों के बीच निजी बसें लोगों के आवागमन का बड़ा माध्यम हैं। जानकर हैरानी हो सकती है कि 400 से ज्यादा गांवों, मजरों के लिए दिन में एक या दो रोडवेज की बसें ही चल रही हैं। ऐसे में हजारों यात्रियों के लिए ...
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