लखीमपुरखीरी, मार्च 15 -- बोले लखीमपुर खीरी: एनओसी के लिए सिंगल विंडो सिस्टम चाहते हैं बैंक्वेट हॉल संचालक शादी-विवाह और अन्य आयोजनों के लिए पहले टेंट हाउस और धर्मशालाओं का इस्तेमाल किया जाता था। लेकिन समय के साथ ये बैंकेट हॉल और मैरिज लॉन में बदल गए। टेंट हाउस बदलते समय के साथ अपने नए रूप में आकर मैरिज लॉन के रूप में तब्दील होते गए। बाद में इस कारोबार का दायरा और बढ़ गया। लेकिन उसी के साथ कारोबारियों की समस्याएं और चुनौतियां भी बढ़ती चली गई। 'हिन्दुस्तान ने इन कारोबारियों की दिक्कतों को जाना। शादी-विवाह और अन्य आयोजनों के लिए पहले टेंट हाउस और धर्मशालाओं का इस्तेमाल किया जाता था। लेकिन समय के साथ ये बैंकेट हॉल और मैरिज लॉन में बदल गए। 1990 तक शहर में केवल छह टेंट हाउस थे लेकिन 2008 के बाद इनकी संख्या तेजी से बढ़ी और संख्या बढ़ने में बाद श...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.