लखनऊ, फरवरी 16 -- नवाबों के शहर लखनऊ की तहजीब और रवायत का गवाह रहा 150 साल पुराना यहियागंज बाजार आज बड़े खतरे की जद में है। बर्तन, होजरी, कॉस्मेटिक के थोक बाजारों में शुमार यह ऐतिहासिक इलाका बिजली, इंटरनेट और टीवी केबल के तारों के मकड़जाल में फंस चुका है। करीब 1700 दुकानों वाले इस बाजार में रोजाना 10 करोड़ रुपये का कारोबार होता है, लेकिन यहां के व्यापारी और हजारों ग्राहक हर पल मौत के साये में जीने को मजबूर हैं। यहियागंज की तंग गलियों में सिर के ठीक ऊपर झूलते ये ढीले तार कभी भी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकते हैं। प्लास्टिक, कॉटन व किराना सामान के भारी स्टॉक के बीच शार्ट सर्किट से निकलने वाली एक चिंगारी यहां भीषण तबाही ला सकती है। चौक व अमीनाबाद की तर्ज पर अंडर ग्राउंड केबलिंग का काम शुरू करने की स्थानीय व्यापारियों ने मांग की है। एक रिपोर्ट-...