रामपुर, फरवरी 16 -- ई-रिक्शा की संख्या में बढ़ोतरी शहरवासियों के लिए मुश्किल बन गई है। इन ई-रिक्शा चालकों के लिए न तो कोई नियम है और न ही कानून। शहर में नियम-कायदों को ताक पर रख ई-रिक्शा दौड़ाए जा रहे हैं। यही नहीं लालचवश ई-रिक्शा की कमान नाबालिगों के हाथ में पहुंच गई है। वे इन्हें लापरवाही और अनियंत्रित गति से सड़कों पर दौड़ा रहे हैं। इससे दुर्घटनाओं की आशंका अधिक रहती है। हालांकि, ई-रिक्शा संचालकों को ई-रिक्शा के लिए नीति बननी चाहिए। जब उनके परिवारों के लिए ये ई-रिक्शा ही जीवन यापन का साधन हैं। जिले में संभागीय परिवहन विभाग के अनुसार तीन हजार से अधिक ई-रिक्शा पंजीकृत है। जबकि,जिले में यह आंकड़ा इससे कई गुना अधिक है। इनमें से शहर में करीब दो हजार ई-रिक्शा संचालित होते हैं। संभागीय परिवहन नियमों के मुताबिक ई-रिक्शा, टेंपो, टैक्सी समेत किसी भी ...
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