रामगढ़, जुलाई 21 -- उरीमारी। रामगढ़ जिले की पोटंगा से उरीमारी तक की सड़क, जहां से हर साल करीब लाखों मीट्रिक टन कोयले की ढुलाई होती है, सिर्फ एक औद्योगिक मार्ग नहीं, बल्कि आधा दर्जन गांव-टोले को जोड़ने वाली जीवनरेखा है। लेकिन अफसोस, यह सड़क बदहाल हालात में है। गर्मियों में उड़ती धूल और बारिश में घुटनों तक कीचड़ इसकी पहचान बन चुकी है। हिन्दुस्तान के बोले रामगढ़ कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोगों ने जब इस सड़क की हालत बयान की तो हर शब्द में उपेक्षा और नाराजगी झलक रही थी। हजारीबाग जिले के सीसीएल क्षेत्र में आज भी ऐसे मार्ग हैं, जिससे गुजर जाने के बाद वैतरणी पार होने का अनुभव लोगों को सहसा हो जाता हैं। जी, मैं बात कर रहा हूं उरीमारी वेश वर्कशॉप से पोटंगा खुली खदान तक की सड़क का। यही सड़क आगे बढ़कर भुरकुंडुआ, असवा, तिलैया, आंगो, उरेज की तक जाती है। ...
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