रांची, फरवरी 27 -- रांची, हिटी। मुस्लिम समुदाय की महिलाओं की सबसे बड़ी पीड़ा है कि समाज में आगे लाने और बराबरी का दर्जा देने में सरकार की पहल कमजोर रही है। उनका कहना है कि शिक्षा सबसे बड़ा हथियार है, लेकिन राज्य में प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा की स्थित बदहाल है। खासकर मुस्लिम बच्चों के लिए। मुस्लिम समुदाय का बड़ा तबका ऐसा है, जो आर्थिक रूप से संपन्न नहीं है। उसके लिए सरकारी स्कूल एकमात्र विकल्प हैं, लेकिन वहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं है। राइट टू एजुकेशन (आरटीई) कानून बना, लेकिन आज भी निजी स्कूलों में आरक्षित 25 प्रतिशत सीटों में आधी खाली रहतीं हैं। सरकार निजी स्कूलों में गरीब बच्चों का दाखिला नहीं करा पाती है। यही नहीं, केंद्र और राज्य की कई योजनाएं हैं, लेकिन जागरुकता के अभाव में इसके लाभ से अधिकांश वंचित हैं। हिन्दुस्तान के बोले रांची का...
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