रांची, अक्टूबर 15 -- रांची, संवाददाता। रांची जिला के नामकुम लालखटंगा के ग्राम सबैय बगान (न्यू धुर्वा) के विस्थापित आज भी अपने अधिकारों से वंचित हैं। हिन्दुस्तान के बोले रांची में स्थानियों ने बताया कि वर्ष 1962-63 में एचईसी परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के बाद प्रत्येक विस्थापित परिवार को मुआवजे के रूप में 20 डिसमिल भूमि दी गई थी, लेकिन छह दशक बीत जाने के बावजूद मालिकाना हक का पट्टा नहीं मिला। एक हजार की आबादी वाले इस गांव में आजादी के 78 वर्ष बाद भी सड़क से लेकर पेयजल तक की समस्या है। गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि पहले भी कई बार उपायुक्त और विधायक तक इस मुद्दे को उठाया था, लेकिन सिर्फ आश्वासन मिला। लगभग 29 परिवारों के दस्तावेज उपसमाहर्ता कार्यालय में पिछले पांच वर्षों से अटके हुए हैं। न तो पट्टा निर्गत हुआ, न लगान रसीद। स्थानीय लोगों ने ज...
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