मैनपुरी, जनवरी 9 -- मैनपुरी। महादेवा ग्राम पंचायत में समस्याओं की जड़ अधूरे विकास कार्य और कमजोर निगरानी व्यवस्था है। जल जीवन मिशन के तहत पानी की टंकी और पाइपलाइन का कार्य शुरू तो हुआ, लेकिन समय पर भुगतान और तकनीकी निगरानी न होने से यह वर्षों से अधूरा ही पड़ा है। इसका सीधा असर पेयजल व्यवस्था पर पड़ा है। विभागीय लापरवाही के कारण लोगों को आज भी हैंडपंपों और अस्थाई साधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। सरकार को चाहिए कि अधूरे कार्यों की विशेष समीक्षा कराकर दोषी एजेंसियों पर कार्रवाई करे और समयसीमा तय कर कार्य पूरा कराए। इसी तरह, जल जीवन मिशन के दौरान सड़कों को खोद दिया गया, लेकिन मरम्मत नहीं कराई गई। इससे आवागमन बाधित हुआ और बरसात में हादसों का खतरा बढ़ गया। यह स्पष्ट रूप से कार्यदायी संस्था और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है। भविष्य में ऐसी...
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