मैनपुरी, सितम्बर 22 -- महाराजा अग्रसेन समाजवाद, समानता और परोपकार के प्रतीक माने जाते हैं। उन्होंने "एक ईंट, एक रुपया" की नीति से समाज में सहयोग और समरसता की अनूठी परंपरा शुरू की। आज वैश्य समाज उन्हीं की शिक्षाओं को अपनाकर व्यापार, शिक्षा और सेवा की राह पर आगे बढ़ रहा है। हालांकि समाज के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं-जैसे सरकारी योजनाओं का लाभ न मिलना, उच्च शिक्षा संस्थानों की कमी और स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव। हिन्दुस्तान के बोले मैनपुरी संवाद में समाज के लोगों ने बताया कि वह चाहते हैं कि सरकार इन पर ध्यान देकर शिक्षा और स्वास्थ्य की सुविधाएं बेहतर बनाए। समाज के लोग मानते हैं कि महाराजा अग्रसेन के आदर्श आज भी समाज को मजबूती से खड़ा रखते हैं और अगर सरकार सहयोग करे तो वैश्य समाज जिले और प्रदेश की तरक्की में अहम भूमिका निभा सकता है। महाराजा अग्रसे...
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