मैनपुरी, सितम्बर 24 -- शारदीय नवरात्र का पर्व नारी शक्ति की साधना का प्रतीक है। इन नौ दिनों में हम मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा करते हैं। किंतु वास्तविक जीवन में भी नारी शक्ति के अनेक स्वरूप हमारे सामने मौजूद हैं। अस्पतालों में कार्यरत महिला चिकित्सक और नर्स न सिर्फ मरीजों का उपचार करती हैं, बल्कि अपनी सेवा भावना और समर्पण से समाज को जीवन देती हैं। कठिन हालात में भी उनका धैर्य और साहस उन्हें 'धरती की देवी बनाता है। परंतु विडंबना यह है कि सेवाभाव से भरी इन महिलाओं को अब भी सम्मान, सुविधाओं और अधिकारों की कमी का सामना करना पड़ता है। हिन्दुस्तान के बोले मैनपुरी संवाद में महिला चिकित्सक व नर्स ने बातचीत कर जाना कि नवरात्र के इस अवसर पर आवश्यक है कि हम उनकी आवाज सुनें और उनके अधिकारों को मजबूत बनाने की दिशा में कदम बढ़ाएं। समाज और सरका...
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