मैनपुरी, जनवरी 1 -- मैनपुरी में चिकित्सा सेवा आज एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है, जहां मरीज और चिकित्सक, दोनों ही असुरक्षा और असमंजस का सामना कर रहे हैं। डॉक्टर, जिनके कंधों पर जीवन बचाने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है, आज स्वयं संरक्षण और सम्मान की तलाश में हैं। आयुर्वेदिक, एलोपैथिक, निजी और सरकारी-हर वर्ग के चिकित्सकों की पीड़ा एक जैसी है। इलाज के दौरान संसाधनों की कमी, कानूनी अस्पष्टता, पुलिसिया दबाव और सामाजिक आक्रोश ने डॉक्टरों के मन में भय पैदा कर दिया है। कोई भी चिकित्सक यह नहीं चाहता कि मरीज को नुकसान पहुंचे, फिर भी एक छोटी-सी अनहोनी उसकी वर्षों की सेवा और प्रतिष्ठा पर प्रश्न चिह्न लगा देती है। हिन्दुस्तान के बोले मैनपुरी संवाद में मैनपुरी के डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें सुविधाएं, सुरक्षा और सम्मान मिले, ताकि वे निडर होकर समाज की सेवा कर सकें।...