मैनपुरी, जुलाई 4 -- ग्राम पंचायत पाल का नाम विकास की योजनाओं में दर्ज है। लेकिन हकीकत में यह गांव अब भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है। लगभग तीन हजार की आबादी और 1200 से अधिक मतदाताओं वाला यह गांव, हर चुनाव में उम्मीदों के साथ मतदान करता है। लेकिन वर्षों से यह उम्मीदें सिर्फ आश्वासनों में तब्दील हो रही हैं। अधूरी सड़कों, जर्जर रास्तों, टूटी स्ट्रीट लाइटों, सफाई की बदहाल व्यवस्था और पेयजल संकट ने गांव की तस्वीर बिगाड़ रखी है। पशुओं के इलाज के लिए दूसरे गांवों का सहारा लेना पड़ता है, तो बच्चों के खेलने के लिए मैदान तक नहीं है। यह हाल तब है जब सरकार गांव को स्मार्ट और आत्मनिर्भर बनाने की बात कर रही है। हिन्दुस्तान के बोले मैनपुरी संवाद में ग्राम पंचायत के पाल के लोगों ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि अब सरकार घोषणाओं से आगे बढ़कर सरकार जमीन...
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