मैनपुरी, जनवरी 4 -- बेवर ब्लॉक की ग्राम पंचायत रामपुर सैदपुर, जिसकी आबादी 3000 है, कागजों में विकास की कतार में खड़ी दिखाई देती है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे जुदा है। गांव में कई योजनाएं आईं, काम शुरू हुए, पर अधिकांश अधूरे रह गए। जल जीवन मिशन जैसी महत्वाकांक्षी योजना गांव को राहत देने के बजाय परेशानी का सबब बन गई। कहीं अधूरी पानी की टंकी है तो कहीं लीकेज से पानी बर्बाद हो रहा है, सड़कों को तोड़कर छोड़ दिया गया है। स्वास्थ्य, सफाई, खेल, प्रकाश व्यवस्था व आवारा पशुओं की समस्याओं ने ग्रामीणों का जीवन कठिन बना दिया है। हिन्दुस्तान के बोले मैनपुरी संवाद के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि केवल बजट का इंतजार ही नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर निगरानी और जिम्मेदारी की भी कमी रही है। यदि समय रहते प्रशासन और ग्राम स्तर पर समन्वय होता, तो कई समस्याएं आज विकराल रूप...