मेरठ, अगस्त 30 -- मेरठ। झमाझम बारिश ने लोगों को राहत तो पहुंचाई, लेकिन शहर में बदहाल व्यवस्थाओं का नजारा घंटों तक आंखों के सामने तैरता रहा। तमाम दावों के बीच पानी की निकासी का जो हाल हर बार बारिश के दौरान होता है, उससे भी ज्यादा विकट हालात शुक्रवार सुबह हुई तेज बारिश के बाद नजर आया। गली-मोहल्ले तो डूब गए। मुख्य सड़कें भी तालाब में तब्दील हो गईं। सड़कों-गलियों में भरा पानी घरों और दुकानों तक में घुस आया। जरूरी काम से निकले लोगों के दोपहिया और चौपहिया वाहन पानी में आधे डूब गए और तमाम जगह बीच पानी में धोखा दे गए। मेरठ शहर में नगर निगम के अंतर्गत 90 वार्ड आते हैं और जलनिकासी के लिए 14 बड़े नाले हैं। छोटे-बड़े नालों को मिलाकर तीन सौ से ज्यादा नाले हैं। बावजूद इसके जब बारिश आती है तो शहर का लगभग हर हिस्सा डूब जाता है। शुक्रवार को भी 20 लाख से अ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.