मेरठ, मार्च 7 -- मेरठ। भारत की जीवन रेखा कही जाने वाली रेलगाड़ियां करोड़ों लोगों के सफर का एक अहम हिस्सा हैं। लेकिन इन रेलगाड़ियों के जनरल कोच में सफर करने वाले यात्रियों की स्थिति किसी से छुपी नहीं है। भीड़भाड़, धक्कामुक्की, बदहाल व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं की कमी, ये सब उस यात्री की नियति बन जाती है, जो मजबूरी में जनरल कोच में सफर करता है। यह हाल मेरठ के सिटी या कैंट स्टेशन से होकर जाने वाली ट्रेनों की ही नहीं, बल्कि सभी जगहों की है। जिसका दर्द यात्रियों की बातों में झलकता है। भारत की पहचान उसकी विविधता और विशाल जनसंख्या से होती है, जहां रेलगाड़ियां आम आदमी के सफर का सबसे सस्ता और महत्वपूर्ण साधन हैं। लेकिन जब बात जनरल कोच की आती है, तो यह सफर किसी संघर्ष से कम नहीं होता। जनरल डिब्बे में सफर करने वाले यात्रियों की परेशानियां आज भी अन...
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