मेरठ, सितम्बर 11 -- मेरठ। लगातार बदल रहे मौसम के चलते अस्पतालों में बुखार और अन्य मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। हर वार्ड और ओपीडी में इतनी भीड़ उमड़ रही है कि संभालना मुश्किल हो रहा है। मरीजों को समायोजित करने के लिए एक बेड पर दो-दो मरीजों का उपचार किया जा रहा है। इंफेक्शन के हालात यह है कि मेडिसिन, बाल रोग विभाग, नेत्र रोग और त्वचा विभाग की ओपीडी में 30 फीसदी मरीज वायरल बुखार, सांस लेने में तकलीफ, गले में खराश, बदन दर्द, आंखों में लालीपन और जुकाम के पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं के दावे तो तमाम हैं लेकिन वह धरातल पर दिखाई नहीं दे रहे। अस्पताल आम जनता के लिए उम्मीद और राहत का केंद्र होना चाहिए, लेकिन मौजूदा समय में यह अव्यवस्था और संसाधनों की कमी का शिकार है। डॉक्टरों और स्टाफ पर लगातार बढ़ते बोझ की व...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.