मेरठ, फरवरी 4 -- मेरठ जिले में बहुत सारे कॉलोनाइजर लोगों को एप्रूव्ड और सुविधाओं के सपने दिखाकर प्रोपर्टी बेच देते हैं। असलियत बाद में पता चलती है जब कॉलोनी के हालात बदतर होते हैं। ऐसी कई कॉलोनियां हैं जहां लोगों को बेहतर सुख सविधाओं के सपने दिखाकर मकान व प्लॉट बेचे गए। लावड़ रोड पर भी ऐसी ही एमडीए अधिकृत कॉलोनी है आनंद निकेतन, जिसकी बदहाली उसके प्रवेश द्वार पर साफ दिखाई देती है। सबसे दर्दनाक बात यह है कि कॉलोनाइजर ने कभी एप्रूव्ड कॉलोनी और सुविधाओं के सुनहरे सपने दिखाए थे, जो आज कीचड़ में दबे नजर आ रहे हैं। रेजिडेंशियल वेलफेयर सोसाइटी बनने के बाद भी कॉलोनीवासी अपने हक की सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। कॉलोनी से बाहर जाने के लिए भी रोजाना जद्दोजहद करनी पड़ रही है। लोग महीनों से कीचड़ और गड्ढों से भरी सड़क से निकलने को मजबूर हैं, रोज ग...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.