मेरठ, नवम्बर 3 -- मेरठ। लेखपाल, राजस्व प्रशासन की वह मजबूत कड़ी हैं जो सरकार और जनता के बीच भरोसे का पुल बनकर काम करती है। लेखपाल असंतोष, उपेक्षा और समस्याओं से जूझ रहे हैं। गांव, देहात और शहर, हर जगह विकास की गवाही देने वाले लेखपाल अपनी मांगों को लेकर परेशान हैं। सुबह से रात तक खेतों, गलियों और तहसीलों के चक्कर काटने वाले लेखपालों की जिम्मेदारियों में बढ़ोत्तरी तो हो गई, लेकिन सुविधाएं लगातार कम होती जा रही हैं। किसानों की उम्मीद और सरकारी योजनाओं के धरातल तक पहुंचाने की पहली सीढ़ी बनने वाले लेखपाल अपनी समस्याओं का समाधान चाहते हैं। मेरठ जिले में लेखपालों की संख्या पर नजर डालें तो तीनों तहसील मवाना, सरधना और मेरठ में करीब 218 पद हैं। इसके सापेक्ष मेरठ की तीनों तहसीलों में लगभग 140 लेखपाल हैं। यहां कुल 479 ग्राम पंचायत हैं और इनमें करीब 7...
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