मेरठ, नवम्बर 5 -- मेरठ। धुंधली से धूप, आसमान में छाई कालिख सी परत। सड़कों पर चलते वक्त सांसों में धूल जैसा अहसास। सुबह और देर शाम चारों तरफ पसरा धुआं सा। बाहर निकलो तो आंखों में जलन, खांसी और सांस लेने में परेशानी। बिना किसी कारण पिछले कुछ दिनों से लगातार खांसी जैसे हालात। शहर की आबोहवा में बिछी प्रदूषकों की मोटी परत से हर शख्स परेशान है। मेरठ के कोने-कोने में पीएम-10 एवं पीएम-2.5 जैसे खतरनाक प्रदूषकों के मुख्य स्रोत धूल-धुएं से शहरवासी बेहाल हैं। प्रदूषक अपने अधिकतम स्तर 500 तक बने हुए हैं। वह भी एक-दो घंटे नहीं। 24 घंटे में से 15-16 घंटे तक। हवा की गुणवत्ता अत्यधिक खराब से गंभीर श्रेणी में बनी हुई है। जो हालात इस वक्त शहर के हैं उसमें सामान्य व्यक्ति के फेफड़ों से हर रोज 10-12 सिगरेट जितना धुआं जबरन घुस रहा है। नतीजा सामने है। मेडिकल से...
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