मेरठ, दिसम्बर 31 -- मेरठ। शीतलहर और घने कोहरे ने दैनिक मजदूरों को सबसे अधिक प्रभावित किया है। ठंड के कारण काम की तलाश में बाहर निकलना मुश्किल हो गया है, जिससे रोजगार के अवसर घट गए हैं। सर्दी के सितम के चलते मुश्किल से 15 से 20 फीसदी को ही काम मिल पा रहा है, वह भी मजदूरी के चल रहे रेट से कम में। कुछ स्थानों पर मजदूरों की लगने वाली भीड़ में से पांच-सात मजदूरों को ही काम मिल पाता है। इससे निराशा का माहौल है। वह ठंड से जूझ रहे हैं और बेहाल हैं। काम न मिलने की स्थिति में परिवार के लिए भोजन की चिंता बढ़ी हुई थी। कई मजदूर फटे पुराने कपड़ों में ठंड झेलने को मजबूर हैं। काम न मिलने की स्थिति में परिवार के लिए भोजन की चिंता है। मजदूर चाहते हैं कि लेबर अड्डों पर अलाव, कंबल वितरण और अस्थायी शेल्टर की व्यवस्था कराई जाए। आर्थिक मदद हो, ताकि इस भीषण ठंड ...
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