मेरठ, जनवरी 21 -- नोएडा में हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। एक युवा इंजीनियर, जो रोज की तरह अपने घर जा रहा था, कोहरे और अंधेरे में कार समेत एक गहरे गड्ढे में समा गया। बेसमेंट निर्माण के लिए खोदे गए उस गड्ढे ने उसकी सांसें छीन लीं। यह केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं थी, यह सिस्टम की अनदेखी, लापरवाही और चेतावनी को नजरअंदाज करने का भयावह नतीजा था। सवाल यह है कि क्या मेरठ ऐसे ही किसी हादसे का इंतजार कर रहा है? आज मेरठ शहर की तस्वीर भी कुछ अलग नहीं है। कोहरा छाने पर सड़कों पर दिखाई न देने वाले गड्ढे और खुले नाले हादसों को खुला निमंत्रण देने लगते हैं। जगह-जगह चल रहे निर्माण कार्यों के कारण खुले चैंबर, खोदे गए गड्ढे और सड़कों के किनारे गहरे नाले आम आदमी की जान पर भारी पड़ सकते हैं। दिन में जो खतरे दिख जाते हैं, वही रात और कोहरे...