मुजफ्फर नगर, अप्रैल 24 -- जनपद में विश्वकर्मा (बढ़ई) समाज के लोगों की कुल आबादी 84 हजार से अधिक है, जिनमें से करीब 12 हजार लोग बढ़ई के पुश्तैनी धंधे से जुड़े हुए हैं, जिनके समक्ष पारंपरिक काम को बचाए रखने की कड़ी चुनौतियां हैं। केंद्र सरकार द्वारा समाज के उत्थान के लिए सितंबर 2023 में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना चलाई जा रही है, लेकिन इसमें अन्य जातिगत कार्यों को भी जोड़ दिए जाने से विश्वकर्मा समाज को इसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। सरकार द्वारा आरा मशीन संचालन के लिए बनाए गए कड़े नियमों के चलते जहां एक ओर लकड़ी की उपलब्धता कम होती जा रही है, वहीं लकड़ी चिरान भी महंगा हो गया है। उपकरण व रॉ मैटीरियल के दाम बढ़ने से भी बढ़ई के काम पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। इन्हीं सब मुश्किलों के चलते युवा वर्ग अपने पुश्तैनी काम से दूरी बना रही है। -----...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.