मुजफ्फर नगर, फरवरी 15 -- मेरठ और मुजफ्फरनगर की सीमा पर स्थित रामराज एक ऐतिहासिक और भौगोलिक रूप से महत्वपूर्ण गांव है। अपने ऐतिहासिक महत्व के कारण, इस स्थान का उपयोग ब्रिटिश काल में 200 वर्ष से अधिक पहले भारत का मानचित्र तैयार करने में भी किया गया था लेकिन दो जिलों में बसा रामराज विकास के नाम पर जनप्रतिनिधियों व दोनो जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों की उपेक्षाओं का दंश झेल रहा है। यहा रामराज के विकास में मुख्य समस्याएं बुनियादी ढांचे (सड़क, बिजली, पानी) की कमी, अपर्याप्त स्वच्छता, रोजगार के अभाव और स्वास्थ्य/शिक्षा सुविधाओं की कमी हैं, जो पलायन को बढ़ावा देती है। ऐतिहासिक विरासत के साथ सर्वे ऑफ इंडिया के लिए मानचित्र तैयार किया जाता था रामराज में मुजफ्फरनगर व मेरठ की सीमा पर बसा रामराज महाभारतकालीन पांडवों की नगरी हसितनापुर के नजदीक होने के क...
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