मुजफ्फर नगर, मई 29 -- कोई भी सामान घर तक पहुंचाने में डिलीवरी ब्वॉय की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इनकी काम सुबह जितनी जल्द शुरू होता है, रात का काम उतनी ही देर से खत्म होता है। धूप हो, बारिश हो या फिर कड़ाके की ठंड, हेलमेट और बैग लेकर ये लोगों के बताए पते पर सामान देने के लिए निकल पड़ते हैं। खासकर त्योहारों, सेल सीजन या बारिश जैसे मौसम में काम का दबाव दोगुना हो जाता है। उनकी आय इस बात पर निर्भर करती है कि वे कितनी डिलिवरी कर पाते हैं। दरअसल डिलीवरी ब्वॉय को पर्याप्त कमीशन और सम्मान की दरकार है। पेट्रोल के बढ़ते दाम, ट्रैफिक के दबाव और समय की पाबंदी और शारीरिक-मानसिक थकान के बीच वे सिर्फ अपने काम को अहमियत देते हैं, सामान सही समय पर ग्राहक तक पहुंचना इनकी जिम्मेदारी होती है। डिलीवरी ब्वॉय की हमें न तो पीएफ की सुविधा मिलती है और न ही छुट्टी...
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