भागलपुर, अप्रैल 22 -- देश की लोकतांत्रिक संरचना में सभी वर्गों को समान अधिकार और अवसर देने की बात कही गई है, किंतु आज भी समाज के कई हिस्से ऐसे हैं जिन्हें समुचित प्रतिनिधित्व, सुरक्षा और अधिकार नहीं मिल पा रहे हैं। बिहार के मुंगेर जिले में सूढ़ी समाज की स्थिति इसका एक ज्वलंत उदाहरण है। हिन्दुस्तान के जमालपुर में आयोजित संवाद के दौरान सूढ़ी समाज के लोगों ने अपने सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक पिछड़ेपन पर गंभीरता से चर्चा की। अपनी समस्याएं बताईं और सरकार से अपने अधिकारों की मांग की। 75 हजार है मुंगेर जिले में सूढ़ी जाति की कुल जनसंख्या 01 फीसदी है इस समाज के लोगों की सरकारी सेवा में हिस्सेदारी 75 फीसदी सूढ़ी जाति के लोग आज गरीबी का जीवन जी रहे मुंगेर जिले में सूढ़ी समाज की आबादी लगभग 75,000 है, जिसमें से करीब 8,000 लोग केवल मुंगेर मुख्यालय सहित...
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