मिर्जापुर, जुलाई 15 -- शहर में विकास योजनाएं हर रोज जन्म ले रही हैं, लेकिन रैदानी कॉलोनी में वे नालियों में सिसक रही हैं। विकास गलियों में गुम है। रैदानी काॅलोनी भले ही 'रियासत की याद दिलाए, लेकिन यहां का नागरिक जीवन दुर्व्यवस्था का संत्रास झेल रहा है। टूटी सड़कें, बजबजाती नालियां, बिजली के लटकते तार, झुके हुए खंभे, छुट्टा पशुओं का आतंक और बदहाल सफाई व्यवस्था की वहज से यहां जीवन एक 'संघर्ष बन गया है। अतीत का ऐश्वर्य भले न लौटे, लोगबाग नगरपालिका से सामान्य बुनियादी सुविधाओं की ही दरकार रखते हैं। मिर्जापुर के विकास में सेठ मिश्रीलाल रैदानी जैसे उद्योगपितयों का बड़ा योगदान है। सेठ मिश्री लाल एक जमाने के धन कुबेर माने जाते थे। उन्होंने रामबाग में रैदानी पैलेस का निर्माण कराया था, जहां आज कॉलोनी बसी है। बताया जाता है कि जब वह बाजार में निकलते थ...
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