मिर्जापुर, मई 22 -- बीज सिर्फ एक दाना नहीं, हर फसल का आधार है। इसे खेत तक पहुंचाने वाले सबसे अहम किरदार हैं बीज विक्रेता। जिस व्यापारी पर खेती की सफलता टिकी है, वही आज अस्तित्व की लड़ाई लड़ने को विवश हैं। इनकी रोजी-रोटी अब जीएसटी की पेचीदगियों, कागजी प्रक्रियाओं और ऑनलाइन कंपनियों के प्रहार से जूझ रही है। न ट्रैफिक सुधरती है, न बिजली-पानी की हालत। इन स्थितियों के बावजूद किसानों को अगर नवीन तकनीकी की जानकारी दी जाए तो फसल शानदार होने की संभावनाएं बढ़ेंगी और अंतत: इससे हमारी भी आर्थिक स्थितियां सुधरेंगी। किसान और बीज कंपनी के बीच अहम कड़ी हैं बीज विक्रेता, लेकिन इनकी स्थिति दिन-ब-दिन कमजोर होती जा रही है। ट्रैफिक जाम, टैक्स, लाइसेंस से लेकर उधारी और छापेमारी से जूझ रहे हैं। डिजिटल कंपनियों की चुनौती संग अनेक दबाव भी बीज विक्रेताओं पर है। बी...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.