मथुरा, अगस्त 28 -- यमुना एक्सप्रेस वे जिन किसानों की जमीनों को लेकर बनाया गया, उन्हें इस पर चलने का सही लाभ नहीं मिल पा रहा है। एक्सप्रेस वे के किनारे तमाम गांव ऐसे हैं, जहां के लोगों को न केवल इस पर चढ़ने के लिए कई किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है, बल्कि इसके सहारे सर्विस रोड को सही तरह न बनाये जाने से ग्रामीणों को आने-जाने में भी परेशानी झेलनी प़़ड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जब उनकी जमीन एक्सप्रेस वे के लिए ली गई थी तो यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण ने वादा किया था कि सर्विस रोड बढ़िया बनाया जाएगा लेकिन सर्विस रोड आज तक सही नहीं किया गया है, जिसके कारण वे लोग परेशानी झेल रहे हैं। सन 2001 में उस समय की मुख्यमंत्री मायावती द्वारा यमुना एक्सप्रेस वे के निर्माण की घोषणा की गई थी, 13300 करोड़ रुपये की लागात से जेपी ग्रुप ने इसका निर्माण किया...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.