मथुरा, मार्च 8 -- दिल्ली के चांदनी चौक की तरह तेजी से विकसित हुए वृंदावन के प्रेम मंदिर बाजार में बढ़ती भीड़ के मुकाबले सुविधाओं का अभाव है। यह महत्वपूर्ण बाजार हर वक्त जाम के झाम में फंसा रहता है। इससे कारोबार पर भी विपरीत असर पड़ रहा है। ढकेल-खोमचों के बढ़ते जमघट की वजह से यह बाजार अस्त-व्यस्त है। यमुना एक्सप्रेस-वे को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने की वजह इस बाजार को वृंदावन की लाइफ लाइन भी कहा जाता है। छटीकरा और वृंदावन के बीच बना यह बाजार वृंदावन के बड़े होटल, गेस्ट हाउस, आश्रम और जाने-माने मंदिरों से जुड़ा हुआ है। दुनियां का सबसे ऊंचा चन्द्रोदय मंदिर का निर्माण भी इसी मार्ग पर हो रहा है। वृंदावन के सबसे ज्यादा व्यस्ततम और तेजी से विकसित हुए प्रेम मंदिर बाजार वह बाजार है, जिसे देशी-विदेशी भक्तों के लिए सबसे ज्यादा पहचाना जाता है। इस्कॉन मंदिर...
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