मथुरा, जनवरी 10 -- मथुरापुरी बृजमंडल का हृदय है। मथुरा की अंतरग्रही परिक्रमा का विशेष महत्व है। यह परिक्रमा पुराने मथुरा के घनी आबादी वाले हिस्से की है। यह हिस्सा चौबियापाड़ा, चौक बाजार, छत्ता बाजार, घिया मंडी, विश्राम घाट से होकर जाता है जो प्राचीन और पौराणिक मंदिरों के गढ़ हैं। यहां ऐसे एक नहीं कई प्राचीन मंदिर हैं, जिनकी मान्यता श्री कृष्ण के काल से है। विश्राम घाट जहां वह स्थल है, जहां कंस वध के बाद भगवान ने विश्राम किया। यहां यमुना जी व धर्मराज (यमराज) का मंदिर है। भगवान राम के लघु भ्राता शत्रुघ्न का मंदिर भी यहीं है, जो शायद यहां के अलावा कहीं और मिलेगा। बाराह जी मंदिर भी आपको कहीं और नहीं मिलेगा। ऐसे कई मंदिर हैं, जिनका पुराणों में वर्णन है। ये प्राचीन मंदिर मथुरा की अंतरग्रही परिक्रमा में आते हैं। परिक्रमा मार्ग पर ध्यान देना जरूरी ...
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