मथुरा, फरवरी 9 -- सरकारी धन के दुरुपयोग का ताजा उदाहरण मथुरा में यमुना नदी के घाटों के सौंदर्यीकरण के नाम पर सामने आया है, जिन घाटों का निर्माण कुछ वर्ष पूर्व कराया गया था और जो आज भी मजबूत हैं, उनको तोड़कर दोबारा से बनाने की योजना बना दी गई। इस योजना को साकार रूप देने के लिए जब घाटों को तोड़ना शुरू किया गया तो लोगों में रोष व्याप्त हो गया और गुस्साए लोगों ने काम रुकवा दिया। लोगों का कहना है कि यह जनता के धन की बर्बादी है। इस पैसे को उन घाटों पर लगाना चाहिए जो जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है। यमुना के जोरहाट मजबूत बने हुए हैं उन्हें तोड़कर दोबारा बनाना कौन सी बुद्धिमानी है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कि मथुरा के कई प्रमुख घाट पहले से ही पक्के, मजबूत और सफेद मोटे पत्थरों से बने हुए हैं। इन घाटों पर रोजाना श्रद्धालु स्नान, पूजा-पाठ और धार्मिक अन...