मथुरा, फरवरी 14 -- वैलेंटाइन डे एक ओर जहां युवाओं के एक वर्ग के लिए प्रेम का इजहार करने और उपहार के आदान-प्रदान का दिन बन गया है, वहीं कुछ लोग सार्वजनिक स्थलों पर इस तरह के क्रिया कलाप के विरोध में खड़े हो रह रहे हैं। प्रेम का इजहार सार्वजनिक स्थानों पर करने के पक्षधर जहां इसे सही मानते हुए कहते हैं कि उन पर बंदिश क्यों लगायी जा रही है, वहीं इसके विरोधी इस परंपरा को गलत बताते हुए कहते हैं कि प्रेम करना बुरा नहीं है लेकिन इसका तरीका सही होना चाहिये। हिन्दुस्तान केे बोले मथुरा संवाद में युवाओं ने अपने विचार व्यक्त किए। संस्कारी युवा मूल्यों, परिवार और जिम्मेदारियों से भटकने लगते हैं। हम युवाओं को रोकें नहीं, बल्कि सही दिशा दिखाएं। प्रेम तो किसी से भी किया जा सकता है, जैसे दोस्त, माता-पिता या किसी अन्य से लेकिन फूहड़पना लाना सही नहीं है। हम ब्...